[फ्रिटजॉफ नानसेन] Fridtjof Nansen Short Biography In Hindi

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Who is Fridtjof Nansen in Hindi
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Fridtjof Nansen Short Biography In Hindi

फ्रिटजॉफ नानसेन Fridtjof Nansen जो की एक प्रसिद्ध  नॉर्वे के खोजकर्ता वैज्ञानिक, मानवतावादी राजनयिक, और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता थे (नोबेल पुरस्कार  1922।  जिनका जन्म 10 अक्टूबर 1861 ओस्लो युरोप महादेश में स्थित नार्वे देश की राजधानी में  हुआ था और उनकी मृत्यु 13 मई 1930 को लिसाकर, नॉर्वे में दिल का दौरा पड़ने से  हुई .

वह एक एन्थलेटिक्स चैंपियन स्कीयर और आइस स्केटर रहा . आज गूगल फ्रिटजॉफ नानसेन का 156 वां जन्म दिवस मना रहा है इसके लिए गूगल ने फ्रिटजॉफ नानसेन को श्रद्धांजलि देने के लिए उनका गूगल डूडल बनाया है .

Fridtjof Nansen ने  नार्वेजियन ध्रुवीय इलाके की खोज की थी और उन्होंने शरणार्थियों का पहला हाई कमीशन बनाया गया था. Fridtjof  के नेतृत्व में राष्ट्र संघ ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शरणार्थीयों के लिए यात्रा दस्तावेज (पासपोर्ट) बनाया जो “नानसेन पासपोर्ट” के नाम से जाना गया। उन्होंने 1893- 96 में  उत्तरी ध्रुव अभियान के दौरान 86 °14 ‘ के उत्तरी अक्षांश तक पहुंचने के बाद अंतरराष्ट्रीय ख्याति  प्राप्त की ।

उनके पिता एक वकील और धार्मिक व्यक्ति थे और उनकी मां एक ऐथलेटिक्स महिला थी उसने अपने बच्चे को बाहरी जीवन में पेश किया और उंहें शारीरिक कौशल विकसित करने के लिए प्रोत्साहित भी किया . उन्होंने किताब भी लिखी थी जिसका नाम ‘द फर्सट कॉसिंग ऑफ ग्रीनलैंड’ था ।

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वे अपने कुत्तों के साथ खूब दौड़ लगाते थे  उन्हें प्रक्रति से काफी लगाव था और इसी  प्रेम ने रॉयल फ़्रेडरिक विश्वविद्यालय में जूलॉजी का अध्ययन करने के लिए उन्हें प्रेरित करता था।

1888 में  उन्होंने  ग्रीनलैंड के बर्फ से ढंके हुए इंटीरियर को पार करने के अभियान में अपनी टीम का नेतृत्व करने वाले पहले व्यक्ति बन गए थे. कुछ समय बाद वो उत्तर ध्रुव तक पहुंचने का प्रयास किया परन्तु इस अभियान में उन्हें  असफलता मिली । सन 1914 में विश्व युद्ध की वजह से नानसेन को अपने शोधों के लिए घर में ही रहना पड़ा ।

प्रथम विश्व युद्ध के पश्चात नानसेन ने  युद्ध  में  प्रवासी शरणार्थियों के हजारों कैदियों को मुक्त करने के लिए काम किया. फ्रिडजॉफ नानसेन ने अपना  पूरा जीवन मानवता की भलाई के  लिए समर्पित कर दिया।

Happy 159th Birthday, Fridtjof Nansen

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