कल्पना चावला की जीवनी | Kalpana Chawla Biography In Hindi

Kalpana Chawla Biography In Hindi

Biographies of Great personalities in Hindi– कल्पना चावला (Kalpana Chawla)  प्रथम भारतीय महिला अंतरिक्ष यात्री जो कि 1997 में अंतरिक्ष शटल मिशन विशेषज्ञ थी . 2003 में कोलंबिया अंतरिक्ष यान आपदा में मारे गए 7 यात्रियों के दल में से एक थी .उनकी प्रतिभा का संपूर्ण विश्व को एक अविस्मरणीय योगदान रहा है.

Kalpana Chawla Biography In Hindi

कल्पना चावला प्रारंभिक जीवन – Kalpana Chawla In Hindi

पूरा नाम/ Full Name         –  कल्पना जीन पियरे हैरिसन
जन्म /Born                          –  17 मार्च 1962
जन्मस्थान/ Born Place      –   करनाल, पंजाब,हरयाणा
पिता /father Name           –  बनारसी लाल चावला
माता  /Mother name        –  संज्योथी चावला
विवाह                                    –  जीन पियरे हैरिसन
राष्ट्रीयता                                 – संयुक्त राज्य अमरीका भारत
मिशन                                     –  STS-87, STS-107
अंतरिक्ष में बीता समय             – 31दिन 14घंटे 54 मिनट
चयन                                       – 1994 नासा समूह

कल्पना चावला भारत की बेटी जिनका जन्म 17 मार्च 1962 को करनाल पंजाब में हुआ था जो अभी हरियाणा का हिस्सा है। वह अपने परिवार में 4 भाई बहनों में से सबसे छोटी थी कल्पना चावला के पिता का नाम श्री बनारसी लाल चावला और माता का नाम संजयोती देवी था उसके पिता उसे एक डॉक्टर या अध्यापक बनाना चाहते थे किंतु कल्पना चावला शुरू से ही अंतरिक्ष में घूमने की कल्पना करती थी.  कल्पना चावला में लगन और जुझारू परवर्ती के गुण थे . उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा टैगोर बाल निकेतन सीनियर सेकेंडरी स्कूल करनाल  से की थी और बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग 1982 में पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज चंडीगढ़ से पूरी की. कल्पना चावला 1982 में संयुक्त राज्य अमेरिका चली गई और जहाँ  उन्होंने 1984 में वैमानिक अभियांत्रिकी (एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग) में विज्ञान स्नातक की उपाधि टेक्सास विश्वविद्यालय आर्लिंग्टन से प्राप्त की थी. कल्पना चावला ने 1986 में दूसरी विज्ञान निष्णात की उपाधि प्राप्त की और 1988 में कोलोराडो विश्वविद्यालय  बोल्डर से  वैमानिक अभियंत्रिकी में विद्या वाचस्पति की उपाधि प्राप्त की । अन्तरिक्ष यात्री बनने से पहले वह एक नासा ( NASA) कि वैज्ञानिक थी। उन्हें विमानों के लिए व्यावसायिक विमान चालक के लाइसेंस भी प्राप्त थे ।

कल्पना चावला करियर – Information About Kalpana Chawla Career In Space & Nasa

1988 के अंत में उन्होंने नासा (Nasa) के एम्स अनुसंधान केंद्र के लिए ओवेर्सेट मेथड्स इंक के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य करना शुरू किया, उन्होंने वहा वी/एसटीओएल में सीएफडी पर अनुसंधान किया। वो एक उड़ान प्रशिक्षक और विमानन लेखक जीन पियरे हैरीसन से मिलीं और उनसे उन्होंने शादी की और 1990 में उन्हें देशीयकृत संयुक्त राज्य अमेरिका की नागरिक बनीं। वो 1995 में नासा के अन्तरिक्ष यात्री कोर में शामिल हुई और उन्हें 1996 में अपनी पहली उडान के लिए चुना गया था ।

उनका पहला अन्तरिक्ष मिशन 19 नवम्बर 1997 को छह-अन्तरिक्ष यात्री दल के साथ अन्तरिक्ष शटल कोलंबिया एसटीएस-87 से शुरू हुआ। अन्तरिक्ष का सफर करने वाली वे प्रथम भारत में जन्मी महिला यात्री थी और अन्तरिक्ष में जाने वाली भारतीय मूल की दूसरी व्यक्ति थी। उनसे पहले राकेश शर्मा ने 1984 में सोवियत (Soyuz T-11) अन्तरिक्ष यान में उडान भरी थी। अपने पहले मिशन में अन्तरिक्ष में 360घंटे से अधिक का समय बिताया और अपने पहले मिशन में 10.67 मिलियन किलोमीटर का लम्बा सफ़र तय किया कल्पना चावला ने  पृथ्वी की 252 परिक्रमाये की । एसटीएस-87 के दौरान स्पार्टन उपग्रह को तैनात करने के लिए भी जिम्मेदारी थी, इस ख़राब हुए उपग्रह को पकड़ने के लिए विस्टन स्कॉट और तकाओ दोई को अन्तरिक्ष में चलना पड़ा था। पाच महीने की तफ्तीश के बाद नासा ने कल्पना चावला को इस मामले में पूर्णतया दोषमुक्त पाया, त्रुटिया तन्त्रांश व यान कर्मचारियो तथा जमीनी नियंत्रकों के लिए परिभाषित विधियों में मिली।

2000 में उन्हें एसटीएस-107 में अपनी दूसरी उड़ान के लिए चुना गया, यह अभियान लगातार पीछे सरकता गया, क्योकि विभिन्न कार्यो में नियोजित समय में टकराव होता रहा और कुछ तकनीकी समस्याये भी आयी जैसे शटल इंजन बहाव अस्तरो में दरारे। 16 जनवरी 2003 को कल्पना जी ने अंततः कोलंबिया पर चढ़ के विनाशरत एसटीएस-107 मिशन का आरम्भ किया। उनकी जिम्मेदारियों में शामिल थे स्पेसहब और कुछ छोटे प्रयोग जिसके लिए कर्मचारी दल ने 80 प्रयोग किये, जिनके जरिये पृथ्वी व अन्तरिक्ष विज्ञान, उन्नत तकनिकी विकास व अन्तरिक्ष यात्री स्वास्थ व् सुरक्षा का अध्ययन हुआ।

एसटीएस-87 की उदानोपरांत गतिविधियों के पूरा होने पर कल्पना जी ने अन्तरिक्ष यात्री कार्यालय में, तकनिकी पदों पर काम किया, उनके यहाँ के कार्यकलाप को उनके साथियों ने विशेष पुरस्कार दे के सम्मानित किया।

Kalpana Chawla Death :कल्पना चावला की मृत्यु –

अंतरिक्ष में जाने वाले प्रथम भारतीय महिला की दूसरी अंतरिक्ष यात्रा उनके लिए अंतिम यात्रा साबित हुई इस यात्रा में सभी प्रकार के अनुसंधान एवं विचार विमर्श के बाद वापसी के समय  पृथ्वी के वायुमंडल में यान के प्रवेश करते समय भयंकर घटना घटी जोकि विश्व के लिए एक दुखद घटना साबित हुई 1 फरवरी 2003 को कोलंबिया अंतरिक्ष यान जैसे ही पृथ्वी की कक्षा में दाखिल हुआ तो दाखिल होते ही यह यान पूरी तरह से टूट कर बिखर गया और उसमें सवार सातों अंतरिक्ष यात्रियों के मौत हो गयी और उनके अवशेस  टेक्सास नामक शहर पर बरसने लगे.उस समय यान की गति 20 हजार किलोमीटर प्रति घंटा थी. सफल कहलाया जाने वाला अभियान भीषण सत्य बन गया। कल्पना चावला के शब्द थे  की “मैं अंतरिक्ष के लिए ही बनी हूँ प्रत्येक पल अंतरिक्ष के लिए ही बिताया है और इसी के लिए ही मरूँगी“ उनके यह शायद पूरी तरह से सत्य साबित हो गए.

Kalpana Chawla Award:

मरणोपरांत:

  • काँग्रेशनल अंतरिक्ष पदक के सम्मान
  • नासा अंतरिक्ष उड़ान पदक
  • नासा विशिष्ट सेवा पदक

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