What is Emergency in India in Hindi – भारत में आपातकाल

आपातकाल क्या है (What is Emergency) आपातकाल भारतीय संविधान में एक ऐसा प्रावधान है, जिसका प्रयोग तब किया जाता है, जब देश को किसी आतंरिक, बाह्य अथवा आर्थिक रूप से किसी तरह के खतरे की आशंका होती है । अतः भारत में 3 प्रकार की आपातकालीन व्यवस्थाओं पर विचार किया जा सकता है जब सरकार द्वारा Emergency लागू की जा सकती है ।

भारत में अब तक कितनी बार आपातकाल की घोषणा हो चुकी है

अनुच्छेद 352 के अंतर्गत भारत में  अब तक तीन बार आपातकाल लगया जा चूका है जो की निम्नलिखित है

  • 26 अक्टूबर 1962 – 10 जनवरी, 1968 
  • 3 दिसंबर,1971
  • 25 जून,1975 – 21 मार्च, 1977 

आपातकाल की घोषणा के समय भारत के राष्ट्रपति कौन थे

26 अक्टूबर 1962 को प्रथम बार National emergency की घोषणा के समय भारत के राष्ट्रपति डॉ॰ सर्वपल्ली राधाकृष्णन  थे तथा तीसरी बार 25 June 1975 को तत्कालीन राष्ट्रपति फ़ख़रुद्दीन अली अहमद ने तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी के कहने पर भारतीय संविधान की धारा 352 के अधीन आपातकाल की घोषणा कर दी।

आजाद भारत के इतिहास में यह सबसे विवादास्पद और अलोकतांत्रिक समय था। 1975 आपातकाल में चुनाव स्थगित हो गए तथा नागरिक अधिकारों को समाप्त करके मनमानी की गई। इंदिरा गांधी के राजनीतिक विरोधियों को कैद में डाल दिया गया और प्रेस को प्रतिबंधित कर दिया गया।

इस समय कई नेता जैसे विजयराजे सिंधिया, जयप्रकाश नारायण, राज नारायण, मोरारजी देसाईं, चरण सिंह, जीवतराम कृपलानी, अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्णा आडवाणी, अरुण जेटली, सत्येन्द्र नारायण सिन्हा, गायत्री देवी सहित अनेक अन्य तात्कालिक जननेताओं को गिरफ्तार किया गया.

प्रधानमंत्री के बेटे संजय गांधी के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर नसबंदी अभियान चलाया गया। जयप्रकाश नारायण ने इसे ‘भारतीय इतिहास की सर्वाधिक काली अवधि‘ कहा था।

किस अनुच्छेद के तहत राष्ट्रपति राष्ट्रीय आपात काल की उद्‌घोषणा करता है

  • अनुच्छेद 352 के तहत 

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